टेक्सटाइल के लिए बजट आवंटन में 8.1 प्र्रतिशत की वृद्धि

नई दिल्ली/ राजेश शर्मा
आगामी वर्ष के बजट में वित्त मंत्री ने प्रत्यक्ष तौर पर टेक्सटाइल उद्योग के लाभ के लिए कोई विशेष घोषणा नहीं की है, लेकिन टेक्सटाइल सक्टर के लिए 2022-23 के लिए आवंटन राशि में 8.1 प्रतिशत की वृद्धि करने और कुछ अन्य घोषणाओं का टेक्सटाइल उद्योग द्वारा स्वागत किया जा रहा है। सरकार ने बजट में पूंजीगत व्यय में वृद्धि का प्रावधान रखा है, जो टेक्सटाइल सहित पूरी अर्थ-व्यवस्था को गति प्रदान करेगा। बहरहाल, कॉटन आयात पर ड्यूटी समाप्त नहीं करने से उद्योग में कुछ निराशा भी है क्योंकि देश में कॉटन के भाव में भारी वृद्धि हो चुकी है, जो आगामी समय में कॉटन फैब्रिक, गारमेंट आदि का निर्यात प्रभावित कर सकती है। वित्त मंत्री श्रीमति निर्मला सीतारमण द्वारा मंगलवार को संसद में पेश किए बजट में टेक्सटाइल सेक्टर के लिए 12,382.14 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है, जो चालू वर्ष के संशोधित आवंटन 11,449.32 करोड़ रुपए की तुलना में 8.1 प्रतिशत अधिक है। उल्लेखनीय है कि 2020-21 के बजट में टेक्सटाइल सेक्टर के लिए केवल 3,361.64 करोड़ का प्रावधान था, लेकिन बाद में इसे बढ़ाकर 11,449.32 करोड़ रुपए कर दिया था क्योंकि कॉटन कार्पोरेशन आफ  इंडिया को कॉटन की खरीद के लिए अधिक राशि की आवश्यकता थी। सीसीआई को इस वर्ष अधिक कॉटन खरीदनी पड़ी और उसके लिए कुल 8,439.88 करोड़ रुपए की आवश्यकता हुई थी। सरकार ने आगामी वर्ष के लिए सीसीआई के लिए 9,243.09 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है, जो पूर्व वर्ष की तुलना में लगभग 9.5 प्रतिशत अधिक है।
नॉर्थ इंडिया टेक्सटाइल मिल्स एसोसिएशन (निटमा) के प्रेसीडेंट श्री संजय गर्ग का कहना है कि सरकार ने आगामी वर्ष के बजट में टेक्सटाइल क्लस्टर डवलपमेण्ट स्कीम के लिए 133.83 करोड़ रुपए का आवंटन किया है, जो स्वागत योग्य है क्योंकि अब टेक्सटाइल में रिसर्च एंड केपेसिटी बिल्डिंग के लिए कुल राशि 478.83 करोड़ रुपए होगी जो 2021-22 के दौरान केवल 276.10 करोड़ रुपए ही थी।
उनका कहना है कि इस वर्ष सरकार ने पावरलूम प्रोमोशन स्कीम के लिए कोई आवंटन नहीं किया है, जबकि गत वर्ष इसके लिए 47.88 करोड़ रुपए की राशि आबंटित की गई थी। टेक्सटाइल उद्योग का कहना है कि बजट के प्रस्ताव देश के टेक्सटाइल उद्योग के विकास को आगे बढ़ाएंगे।
उद्योग का कहना है कि बजट में देश में ही बनने वो कुछ प्रकार के फैब्रिक के आयात पर ड्यूटी बढ़ाने के अतिरिक्त  एम्बेलेशिमेंट, ट्रिमिंग, फास्टनर्स, बटन, लाईनिंग मैटीरियल, जिप्पर, हेंडीक्राफ्ट, टेक्सटाइल, लेदर व गारमेण्ट निर्यातकों की आवश्यकता के लिए पेकिंग बॉक्स आदि के आयात शुल्क को समाप्त  किया है, इससे लाभ होगा।       

उद्योग का कहना है कि बजट के प्रस्तावों से देश में टेक्सटाइल सेक्टर में नया निवेश आएगा।
हालांकि बजट के प्रत्यक्ष रुप से टेक्सटाइल के लिए अधिक घोषणाएं नहीं की गई हैं, लेकिन टेक्सटाइल के पीएलआई स्कीम और पीएम-मित्रा यानि पीएम मेगा इंटेग्रेटिड टेक्सटाइल रीजन एंड अपेरल स्कीम में किए गए 15 करोड़ रुपए के आवंटन से  उद्योग को लाभ होगा। एक अनुमान के अनुसार इन स्कीमों के कारण आगामी टेक्सटाइल सेक्टर में 5 वर्षों के दौरान 19,000 करोड़ रुपए का निवेश के साथ ही लगभग 7.50 लाख रोजगार के नए अवसर  प्राप्त होने का अनुमान है। सरकार ने रॉ मैटीरियल सप्लाई स्कीम के लिए भी बजट में 105 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है, इससे भी उत्पादन बढऩे के साथ ही रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
सर्दन इंडिया मिल्स एसोसिएशसन के चेयरमैन श्री रवि सैम का मानना है कि बजट आगामी दशकों में भारत को विश्व सुपर पॉवर बनाने में सहायता करेगा। उनका कहना है कि सीसीआई के लिए अधिक राशि का आवंटन करने से उसके द्वारा गत दो वर्षों के दौरान किसानों से लगभग 200 लाख गांठ कॉटन खरीदने में हुए नुकसान की भरपाई करेगा।
उल्लेखनीय है कि कोरोना-19 महामारी के बढ़ते प्रकोप को रोकने के लिए लागू किए लॉकडाउन के दौरान सीसीआई ने किसानों से उस समय लगभग 200 गांठ कॉटन की खरीद की, जब बाजार में इसकी मांग नहीं थी। कांफैंडरेशन आफ  इंडियन टेक्सटाइल इंडस्ट्री के चेयरमैन श्री टी. राजकुमार ने बजट प्रस्तावों का स्वागत किया। उनका कहना है कि बजट का उद्देश्य नए भारत का विकास और जीडीपी की दर का अनुमान 9.2 प्रतिशत है, जो विश्व में सबसे अधिक है।
उनका यह भी मानना है कि बजट में अधिक राशि का आवंटन उद्योग के विकास में सहायक होगा। उन्होंने इमरजेंसी क्रेडिट गारंटी स्कीम का मार्च 2023 तक बढ़ाने का भी स्वागत किया है। इसके अतिरिक्त बजट में चरणबद्ध तरीके से पूंजीगत सामानों का आयात रियायती दरों पर करने के प्रस्ताव का भी स्वागत किया है, क्योंकि इससे घरेलू उद्योग को प्रोत्साहन मिलेगा। क्लोदिंग मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन आफ इंडिया यानि सीएमएआई ने  एम्बैलेशिमेंट, ट्रिमिंग, फ ास्टनर्स, बटन, लाईनिंग मैटीरियल, जिप्पर, हैंडीक्रॉफ्ट, टेक्सटाइल, लेदर गारमेण्ट निर्यातकों की आवश्यकता के लिए पेकिंग बॉक्स आदि के आयात शुल्क को समाप्त करने का स्वागत करते हुए कहा है कि इससे गारमेण्ट निर्यात को बढ़ावा मिलेगा।
 


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