बरखा की प्रतीक्षा : उत्पादन में मांग आना शुरू

बालोतरा/ एल सी पुनित 
अत्याधुनिक गर्मी के प्रकोप ने बेहाल बना दिया है। बरसात के आने का इन्तजार अभी भी कायम है। सभी को उम्मीद है कि इन्द्र भगवान की कृपा शीघ्र होगी। उमड़ते-घुमड़ते बादलों को देख कर हर्ष की हुंकार का आभास होता है, किन्तु बिना बरसे ही निकल जाने का दंश पिछले कई दिनों से झेल रहे हैं। लोगों में विश्वास बाकायदा मजबूती के साथ जुड़ा हुआ है। उत्साह-उमंग का सारा खेल बादलों की उन बून्दों में समाया हुआ है। हो सकता है वह सुनहरा मौसम देर से आयेगा, पर दुरस्त आयेगा। स्थानीय औद्योगिक प्रक्रियाओं पर कई परेशानियाँ आती है तथापि सभी कोई स्वेच्छा से वर्षा रानी का अभिनन्दन करने को आतुर लगते हैं।
कोरोना का कहर तो नहीं, मगर तीसरी लहर के भय का माहौल दग्ध करने में लगा हुआ है। इससे सामान्य जीवन चर्या निश्चित रूप से प्रभावित होने का एहसास हो रहा है, उत्पादन की कार्य प्रक्रिया इस बात को दर्शाती है।  बाजार में मांग का स्वर उठा है। पोपलीन, नाईटी, पोकेटिंग क्लॉथ, रेयॉन, पेटीकोट कुर्ती आदि की चालानी को बल मिला है। ग्रे मार्केट के तेज हो जाने से वीवर भी ग्रे क्लॉथ के उत्पादन को कम तवज्जो दे रहा है। कई नाईटी की क्वालिटियों में प्रयुक्त ग्रे क्लॉथ की मांग बम्पर है परन्तु वह गे्र उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। तीसरी लहर की वास्तविकता जब सामने आयेगी, तो उसके बाद या तो परिस्थितियाँ निराशापूर्ण हो जायगी अथवा सुदृढ़ कार्य प्रक्रिया एक नये अंदाज से चलने लगेगी। 
फिलहाल कतिपय कारणों से बालोतरा जल प्रदूषण नियंत्रक एवं निवारक ट्रस्ट ने कारखानों का उपचारित प्रदूषित जल संयंत्र में न लेने के आदेश से उत्पादन बन्दी हो गई है। यह बन्दी 25 जुलाई तक है। इसके बाद कारखानों में फिर से उत्पादन प्रदत्त हलचल का बोलबाला हो सकेगा। इसके बाद फिर श्रमिकों के आने का इन्तजार रहेगा। श्रमिकों की कमी से वैसे भी यह क्षेत्र झूझ रहा है। प्रवीण श्रमिक जो पहले थे, उन्होंने तो अपने स्वयं के संस्थान स्थापित कर अपने श्रमिकों को उसमें खपा लिया है।
इस क्षेत्र के उत्पाद अच्छे तो हंै ही, साथ ही बहुत सस्ते भी हैं। वरिष्ठ उद्यमी श्री खीमराज भण्डारी ने बताया कि देश में क्या विदेशों में भी कोई खण्ड ऐसा नहीं है, जो यहाँ के मुकाबले सस्ती दर पर सामान्य जनता को वस्त्र मुहैया करा सके। यहाँ का कपड़ा आरामदायक के अलावा टिकाऊ है और नगण्य खर्च पर उपलब्ध हो जाता है। इससे नया लेने में भी कोई दिक्कत या भार नहीं पड़ता। अस्सी-सौ रूपये की नाईटी से चीप क्लॉथ और कोई देने वाला नहीं है। इसलिये बालोतरा जसोल क्षेत्र के वस्त्र रंगाई छपाई उद्योग भविष्य सदा उज्जवल ही रहेगा। रिफायनरी की कार्यशीलता बढऩे के बाद इस उद्योग में चार चांद लगेंगे।
बालोतरा ईटीपी के चुनावों का बिगुल बज गया है। निर्वाचन उपखण्डधिकारी के सानिध्य में सम्पन्न 8 अगस्त को होंगे व अध्यक्षीय चुनाव 12 अगस्त को होगा। मतदाता की लिस्ट बन चुकी है। उम्मीदवारों की बढ़ती संख्या से निर्विरोध ट्रस्टियों का चयन सम्भव नहीं है। मुख्य रूप से वर्तमान कार्यकारी अध्यक्ष सुभाष मेहता व पूर्व अध्यक्ष रूपचंद सालेचा के पक्ष अपनी अपनी प्रबल दावेदारी प्रस्तुत कर रहे हैं।


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