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भीलवाड़ा के उद्यमियों को मध्यप्रदेश में निवेश का निमन्त्रण

भीलवाड़ा के उद्यमियों को मध्यप्रदेश में निवेश का निमन्त्रण

By: Textile World Date: 2021-04-08

मेवाड़ चेम्बर, टेक्सटाइल ट्रेड फेडरेशन, लघु उद्योग भारती एवं सिंथेटिक एण्ड वीविंग एसोसिएशन के तत्वावधान में मध्यप्रदेश सरकार में लघु, सूक्ष्म एवं मध्यम उद्योग मंत्री श्री ओम सखलेचा ने अपने राज्य में उद्यमियों को इण्डस्ट्री लगाने के लिये किया आमन्त्रित


भीलवाड़ा/ कमलेश व्यास
स्थानीय वस्त्र मण्डी में पिछले माह की 21 तारीख को प्रसिद्ध होटल ग्लोरिया इन में एक समिट का आयोजन किया गया, जिसमें स्थानीय शहर के कई उद्यमियों ने शिरकत की।
आयोजन के सूत्रधार मेवाड़ चेम्बर, टेक्सटाइल ट्रेड फेडरेशन, लघुउद्योग भारती एवं सिंथेटिक एण्ड वीविंग एसोसिएशन के तत्वावधान में मध्यप्रदेश सरकार में लघु, सूक्ष्म एवं मध्यम उद्योग मंत्री श्री ओम सखलेचा ने अपने राज्य में उद्यमियों को इण्डस्ट्री लगाने के लिये आमन्त्रित किया। इनके उद्योग सचिव श्री विवेक पोरवाल ने भी अपनी सरकार की सभी सुविधाओं के बारे में बताया। इस सन्दर्भ में मन्त्री श्री सखलेचा ने बताया कि मध्यप्रदेश सरकार ने दो प्रयोग किए हैं, जो जमीन और सब्सिडी से जुड़े हैं। ऐसी अविकसित जमीन को असिंचित कृषि भूमि की 30 प्रतिशत दर पर आंवटित कर रही है। मध्यप्रदेश में अनुदान को वाणिज्यिक करों से अलग करके सीधा कर दिया है। प्लाण्ट एवं मशीनरी में निवेश पर 40 प्रतिशत कर अनुदान 4 किश्तों में दिया जा रहा है। इस व्यवस्था से आपने वाणिज्य कर में कितना भुगतान किया, उसके वेरिफिकेशन की समस्या समाप्त हो गई। उद्योग सचिव श्री विवेक पोरवाल ने बताया कि भौगोलिक रूप से मध्यप्रदेश देश के मध्य में होने से यहां के किसी भी घरेलू बाजार एवं बंदरगाह तक माल में जाने में परिवहन खर्च लगभग 5 प्रतिशत कम है। एक और सुविधा इस सूबे में यह है कि वहां 17 हजार मेगावाट विद्युत उत्पादन हो रहा है, जिसमें मध्यप्रदेश विद्युत सरप्लस स्टेट है एवं वर्तमान में खपत 11 हजार मेगावाट की है। यहां टेक्सटाइल उद्योग के लिये करीब 5 रूपये प्रति यूनिट के हिसाब से बिजली दी जा रही है। इसके अतिरिक्त उद्योग के लिए जहां जगह दी जाएगी, वहां पाइपलाइन से पानी की सप्लाई की जाएगी। इसका फायदा है कि भूजल का उपयोग करने की जरूरत नहीं होती है। राज्य में 900 मिलियन क्यूबिक मीटर जल औद्योगिक उपयोग के लिए आरक्षित किया हुआ है। उद्योगों के लिए डेडिकेटेड वाटर सप्लाई स्कीम है। यहां आईटी व अन्य क्षैत्र के प्रशिक्षित व्यक्ति बड़े शहरों के मुकाबले 30 प्रतिशत कम वेतन पर उपलब्ध हो जाते हैं। क्रिसिल रेटिंग एजेंसी के अनुसार यहां मेनपावर टेलेंट रिटेंशन देश में सबसे ज्यादा है। इससे ट्रेनिंग एवं मेनपावर कॉस्ट में बहुत कमी आती है। इंदौर से जे एनपीटी तक डेडिकेटेड माल परिवहन लाइन बनाने के लिए एमओयू साइन किया गया है।


श्री मोहम्मद साबिर व श्री दिनेश गग्गड़ जैसे कुछ उद्यमी भी इन्वेस्टर मीट में शामिल हुए। उन्होंने बताया कि वे कम समय और बिना किसी परेशानी के उद्योग स्थापित कर चुके हैं। वहां सरकार की तरफ से कई तरह की रियायतें दी गई है। उद्योग स्थापित करने के लिए भी क्लिीयरेंस बड़ी आसानी से मिले हैं। उद्योग सचिव श्री विवेक पोरवाल ने बताया कि केंद्र सरकार के अलावा मध्यप्रदेश स्तर पर कई तरह की सुविधाएं दी गई हैं। कुछ मांगें व्यापारियों की ओर से की गई है, जिनको लेकर भी चर्चा की जा रही है। इन्वेस्टर मीट में मेवाड़ चेबर के डॉ. आरसी लोढा, डॉ. पी एम बेसवाल, लघु उद्योग भारती के श्री महेश हुरकट, श्री अनूप बागड़ोदिया, सिन्थेटिक विविंग मिल्स एसोसिएशन के श्री साबिर मोहम्मद, श्री रमेश अग्रवाल एवं भीलवाड़ा टेक्सटाइल ट्रेड फेडरेशन के श्री अतुल शर्मा, श्री प्रेम गर्ग मार्बल गेंगसा एसोसिएशन कांकरोली के श्री रवि शर्मा आदि ने शिरकत की। कार्यक्रम का संचालन श्री सुमित जागेटिया ने किया। स्थानीय टेक्सटाइल इण्डस्ट्री में वर्टेक्स सुल्ज एवं होटल ग्लोरिया इन के डायरेक्टर श्री सुनील जागेटिया ने इस सन्दर्भ में बताया कि मध्यप्रदेश सरकार राजस्थान के उद्यमियों को कई सुविधाएं देते हुए इण्डस्ट्री लगाने के लिये आमन्त्रित कर रही है ऐसे में वहां कई उद्यमी इण्डस्ट्री लगा भी यहां की इण्डस्ट्री लगा भी चुके है। ऐसे में अत: राजस्थान सरकार को भी यहां की इण्डस्ट्री के लिये सुविधाएं देनी चाहिए ताकि इण्डस्ट्री का पलायन होने से रोका जा सके और राजस्थान में ही अनुकूल दशाएं उपलब्ध कराते हुए उद्यमियों का मनोबल बनाना चाहिए।
 

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