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कपड़े में कारोबार तथा प्रोसेसिंग चार्ज बढऩे के बाद तैयार गारमेण्ट का भाव बढ़ाने का दबाव

कपड़े में कारोबार तथा प्रोसेसिंग चार्ज बढऩे के बाद तैयार गारमेण्ट का भाव बढ़ाने का दबाव

By: Textile World Date: 2021-03-25

मुंबई/ रमाशंकर पाण्डेय
गारमेण्ट कपड़े में कारोबार तथा प्रोसेसिंग चार्ज बढऩे के बाद तैयार गारमेण्ट में भाव बढ़ाने का दबाव बनने की संभावना है। अभी रिटेल में धंधा उतना अच्छा नहीं है। उत्पादन स्तर पर भी सावधानी बरती जा रही है। रिटेलर्स अंदरखाने डिस्काउण्ट देकर माल क्लीयर करने पर जोर दे रहे हैं। नये स्टॉक लेने में देरी का एक प्रमुख कारण पूरे महाराष्ट्र में कोरोना के नये केस आने शुरू हो गए हैं। कुछ प्रमुख शहरों में लॉकडाउन लगा दिया गया है, तो कहीं आंशिक लॉकडाउन लगा है। जहां लॉकडाउन नहीं लगा है, उन सभी स्थानों पर दुकानों को खोलने के लिए रोटेशन पद्धति अपनाई जा रही है। एक दिन छोडक़र दुकानों को खोलने की दी गई अनुमति से कारोबार पर असर पड़ रहा हैं।
गारमेण्ट उत्पादकों की सीजन की तैयारी को जोरदार झटका लग सकता है। फैब्रिक्स के बढ़ते भाव तथा आर्थिक संकट से अब दो-चार होना पड़ रहा है। घटता कारोबार, धीमी उतरती उधारी और फैब्रिक्स का भुगतान नकद अथवा एक निश्चित समय सीमा में करने के बढ़ते दबाव के बीच यह एक बड़ी चुनौती है। यार्न के रेट बढऩे के बाद शर्टिंग एवं सूटिंग दोनों के भाव बढ़ा दिए गए, तब पुराना स्टॉक बाहर निकालने के लिए व्यापरियों को एक अच्छा मौका मिला था। अपना स्टॉक कम करने में इनको मदद मिली है। अब फैब्रिक्स के भाव बढ़ रहे हैं। फैब्रिक्स सप्लायर्स का जोर अब ऐसी गारमेण्ट इकाइयों को आपूर्ति करने का है, जहां भुगतान नहीं फंसे।
कपड़ों विशेषकर गारमेण्ट क्षेत्र में कारोबार अच्छी गति से सुधर रहा था। ग्राहकी का सपोर्ट अच्छा मिलने से रिटेलर्स एवं उत्पादकों को आगे की प्लानिंग करने में मदद मिली है। यद्यपि मार्च एंडिंग होने के कारण धन संकट की समस्या हर सीजन की हैं। इस बीच कॉटन यार्न की तेजी से ग्रे कपड़ों के भाव में भारी वृद्धि हुई। अब रंग रसायनों के भाव बढऩे से प्रोसेसिंग चार्ज भी बढ़े हैं। डीजल के महंगा होने से परिवहन लागत बढ़ी है। इन सभी का असर गारमेण्ट पर पडऩे की संभावना है। जानकारों का कहना है कि जैसे ही बाजार में ग्राहकी अच्छी चलने लगेगी, वैसे ही नई भाव वृद्धि अमल में आ सकती है। अभी इंतजार किया जा रहा है। अनुमान है कि करीब 25 फीसदी भाव बढ़ सकते हैं।

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