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एक दशक में पहली बार गिरा बांग्लादेश का कॉटन आयात

एक दशक में पहली बार गिरा बांग्लादेश का कॉटन आयात

By: Textile World Date: 2020-09-15

नई दिल्ली/ कोविड के कारण एक दशक में पहली बार 2019-20 के दौरान बांग्लादेश के कॉटन आयात में गिरावट दर्ज की गई है। उल्लेखनीय है कि बांग्लादेश गारमेंट निर्यात में विश्व का दूसरा सबसे बड़ा निर्यातक देश, है लेकिन कॉटन के लिए लगभग पूरी तरह आयात पर निर्भर है और अपनी खपत की अधिकांश कॉटन पूर्ति आयात से करता है। गत 10 वर्षों से बांग्लादेश के कॉटन आयात में लगातार वृद्धि हो रही थी, क्योंकि वहां से गारमेंट निर्यात बढ़ रहा था। बांग्लादेश कॉटन का आयात भारत, अमेरिका, पाकिस्तान, आस्ट्रेलिया आदि देशों से करता है।

बहरहाल, कोविड-19 का प्रकोप आरंभ होते ही इसे रोकने के लिए लागू लॉकडाउन के कारण वहां पर मिलें बंद हुई और इसका सीधा असर कॉटन की मांग और आयात पर पड़ा। बांग्लादेश टेक्सटाइल मिल्स एसोसिएशन (बीटीएमए) के अनुसार वित्त वर्ष (जुलाई-जून) में बांग्लादेश का कॉटन आयात लगभग 13.4 प्रतिशत गिर कर 71 लाख गांठ रह गया। सूत्रों का कहना है कि इस वर्ष फरवरी गारमेंट निर्यातकों की फैब्रिक की मांग और मिलों की यार्न की मांग के कारण वहां पर कॉटन का आयात लगातार बढ़ रहा था, लेकिन सरकार द्वारा लॉकडाउन की घोषणा के बाद स्थिति बदल गई। बांग्लादेश सरकार द्वारा कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए 26 मार्च से दो महीने के लिए सामान्य अवकाश की घोषणा के बाद मिलों में उत्पादन  प्रभावित होने से आयात भी घट गया। लॉकडाउन के कारण मई तक कपड़ा मिलें पूरी तरह बंद रही लेकिन उन्होंने नए आयात के बजाए पुराने स्टॉक का ही प्रयोग किया, हालांकि महामारी के कारण कॉटन व सिन्थेटिक यार्न आदि के भाव में भारी गिरावट आ चुकी थी।

उल्लेखनीय है कि कोविड के कारण विश्व बाजार में मांग नहीं होने से कॉटन के भाव में भारी मंदा आया था, जबकि अब कुछ सुधार है लेकिन कोविड से पहले की तुलना में नीचे ही बने हुए हैं। अनेक विकसित देशों द्वारा बांग्लादेश से गारमेंट के आयात पर टेक्स में रियायत देने के कारण वहां पर गारमेंट उद्योग तेजी से बढ़ रहा था और पिछले दस वर्षों से कॉटन का आयात लगातार बढ़ता आ रहा था। एक अनुमान के अनुसार बांग्लादेश में उसकी खपत की केवल 3 प्रतिशत काटन का ही उत्पादन होता है। सूत्रों के अनुसार अब वहां पर टेक्सटाइल सेक्टर में गतिविधियां आरंभ होने से मांग में सुधार का अनुमान है। इसी बीच, स्पिनिंग और वीविंग मिलों के पास भारी मात्रा में कॉटन और यार्न का स्टॉक जमा होने के समाचार हैं। व्यापारियों का मानना है कि अब बांग्लादेश की रेडीमेड गारमेंट निर्माताओं और निर्यातकों के पास नए ऑर्डर आने आरंभ हो गए हैं, इससे जल्दी ही वहां पर पड़ा स्टॉक समाप्त हो जाने का अनुमान है और आशा है कि मिलें कॉटन का आयात दोबारा प्रारंभ कर देंगी। कुछ जानकारों का कहना है कि सितम्बर के बाद यदि यूरोप से गारमेंट के अधिक आयात ऑर्डर मिलते हैं तो संभव है कि वहां पर फैब्रिक की कमी अनुभव की जाने लगे, क्योंकि फैब्रिक का स्टॉक कम है। बांग्लादेश के गारमेंट निर्यातकों को आशा है कि जनवरी तक वहां पर स्थिति सामान्य हो जाएगी। बांग्लादेश में लगभग 450 स्पिनिंग मिलें हैं, जिनकी वहां के कुल निर्यात में गारमेंट की प्रमुख हिस्सेदारी है और अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका है।

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