लगातार अच्छी बरसात होने से सुनहरे भविष्य की उम्मीद

अहमदाबाद/ सांवलाराम चौधरी

पिछले दिनों गुजरात ही नहीं बल्कि पूरे भारत में अच्छी बरसात होने से बाजार में रौनक लौट आई है। कोरोना का संक्रमण लगातार बढ़ रहा है, मगर अब सभी तरह के काम-काज अच्छी क्षमता से चालू हो गये हैं। अब गुजरात की जनता कोरोना से सावधान रहना सीख गई हैं व लोग अपने-अपने काम में दिलोजान से लग गये हैं। सरकार द्वारा अब होटल, रेस्टोरेण्ट व पार्सल पेकिंग के लिए पूरी रात भर खुला रखने का आदेश जारी कर दिया गया है, जिससे रात्रिकालीन शिफ्ट में काम करने वाले कामगारों व जरूरी सेवाओं में काम करने वालों को अच्छा सपोर्ट मिलेगा। बाजार में रक्षाबन्धन से पहले अच्छी ग्राहकी देखी गयी थी, मगर अभी ग्राहकी में थोड़ी कमी नजर आ रही है। आगे गणपति पर्व भी आ रहा है तथा उसके बाद दीपावली तक अच्छी ग्राहकी की संभावना व्यक्त की जा रही है। उधर कर्नाटक के बंगलुरू में पिछले दिनों एक समुदाय विशेष द्वारा शहर में आतंक फैलाने व दंगा करने से वहां से व्यापार करने वाले व्यापारी परेशान नजर आ रहे हैं। यहां से काफी मात्रा में बैंगलुरु कपड़ा व रेडीमेड वस्त्र की आपूर्ति की जाती है और दंगा-फसाद होने से पेमेण्ट व माल की जावक पर असर पड़ता है, ऐसे में सरकार द्वारा दंगाइयों पर सख्त से सख्त व प्रभावी कार्यवाही करनी चाहिए। इस बार भारत ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में कपास का उत्पादन पिछले वर्ष से ज्यादा होने का अनुमान लगाया जा रहा है, मगर कपास की खपत कम होने की आशंका है, इससे भावों में दबाव रहने की संभावना है। मोदी सरकार द्वारा चीन के खिलाफ सख्त रवैया अपनाने से भारत में ही उत्पादन बढऩे की उम्मीद है, किन्तु कोरोना नियंत्रण के बाद ही भारत की अर्थव्यवस्था व व्यापार को तेजी मिलना सम्भव है। बाजार में रेयॉन प्रिण्ट 58’’ की डिमाण्ड पहले से थोड़ी कम बताई जा रही है। मांग व आपूर्ति का संतुलन गड़बड़ाने से ऐसी स्थिति पैदा हुई है।

यहां के लगभग सभी कपड़ा बनाने वालों ने रेयॉन प्रिण्ट बना लिया है, जिससे बाजार में काफी मात्रा में माल आने से भावों में नरमी दिख रही है, आज पूरे भारत के कपड़ा उत्पादन केन्द्रों पर लेडीज डे्रस मटिरियल्स के अन्दर सिर्फ और सिर्फ रियॉन, प्लेन व प्रिण्ट ही चल रहा है। रेयॉन ने पिछले दशकों का कॉटन का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। कॉटन वस्त्रों का बोलबाला अब लगभग खत्म हो चुका है।सूटिंग-शर्टिंग में भीलवाड़ा व मुम्बई का ही कपड़ा ज्यादा चल रहा है। रेडीमेड गारमेण्ट में इस बार दीपावली की कमजोर तैयारी चल रही है, क्योंकि सभी व्यापारी पेमेण्ट नहीं आने से परेशान हैं व नया माल नहीं बना रहे हैं। पहले यहां के प्रोसेस हाउसों में 30 से 40 दिन तक प्रोग्राम था, वह अब 15 से 20 दिनों पर आ गया है। उत्पादन क्षमता बढऩे से कपड़ा जल्दी तैयार हो रहा है। अब प्रोसेस हाउसों में काम करने वाले सभी कारीगर आ गये  हैं व बाहर के मजदूर भी सब अपने अपने काम पर वापस लौट आए हैं। बाजार में पैसों की तंगी बरकरार है। आने वाले दिनों में त्यौहारी ग्राहकी की आशा है, जिससे पैसों की तंगी सुलझ सकती है। जीएसटी आने के बाद व्यापार में काफी सुधार हुआ है व कोरोना के आने के बाद अच्छे-अच्छे व्यापारियों ने उधारी में माल बेचने से तोबा कर ली है। अब ज्यादतर व्यापारी 30 दिन से ज्यादा उधारी पर काम करने को तैयार नहीं हैं। पहले यही धारा 120 से 150 दिन का चलता था। अब समय पर पेमेण्ट नहीं करने वाले व्यापारी को माल मिलना मुश्किल हो गया है। अब मोदी सरकार ने आयकर के सर्वे का अधिकार मात्र इन्वेस्टिगेशन टीम को ही दिया है, जिससे करदाताओं को भ्रष्टाचार से मुक्ति मिलेगी। यह सामान्य नागरिकों के साथ साथ समस्त व्यापारी बंधुओं के लिए बड़ा राहत का समाचार है। केन्द्रीय राजस्व विभाग द्वारा इनकम टेक्स एक्ट 1961 की धारा 119 के अंतर्गत आदेश जारी कर तत्काल प्रभाव से आयकर की जांच का अधिकार मात्र इन्वेस्टिगेशन विंग को देने की घोषणा की है, इससे व्यापारी अच्छी तरह से बिना डर के काम कर पायेंगे। पिछले 5-7 दिनों से अहमदाबाद व पूरे गुजरात में अच्छी बरसात हो रही है व मौसम विभाग द्वारा अगले 5 दिनों तक अच्छी वर्षा की संभावना व्यक्त की गयी है।

 

यहां पर अबतक पूरे वर्ष का 70 प्रतिशत पानी गिर चुका है व कई जलाशय अपनी क्षमता के अनुरूप भर गये हैं। खासकर सौराष्ट्र व कच्छ में बारिश की कमी होती है, मगर इस बार इन क्षेत्रों में भी अच्छी बारिश हो चुकी है। गुजरात के मुख्य कपड़ा उत्पादक सूरत व अहमदाबाद ही हैं, मगर इस बार सूरत कपड़ा बाजार को बहुत धक्का लग रहा है। कोरोना के कारण कपड़ा व हीरा कारोबार बहुत ज्यादा प्रभावित हुआ है। ज्यादातर कारीगर व व्यापारी गाँव की और पलायन कर गये हैं, जिससे सूरत का 50 प्रतिशत व्यापार अहमदाबाद की और मुड़ गया है। उधर अहमदाबाद हर तकलीफ में भी काम चालू रखने में अपनी पहचान बना चुका है।

"> बाजार में ग्राहकी की अच्छी शुरूआत लगातार अच्छी बरसात होने से सुनहरे भविष्य की उम्मीद

अहमदाबाद/ सांवलाराम चौधरी

पिछले दिनों गुजरात ही नहीं बल्कि पूरे भारत में अच्छी बरसात होने से बाजार में रौनक लौट आई है। कोरोना का संक्रमण लगातार बढ़ रहा है, मगर अब सभी तरह के काम-काज अच्छी क्षमता से चालू हो गये हैं। अब गुजरात की जनता कोरोना से सावधान रहना सीख गई हैं व लोग अपने-अपने काम में दिलोजान से लग गये हैं। सरकार द्वारा अब होटल, रेस्टोरेण्ट व पार्सल पेकिंग के लिए पूरी रात भर खुला रखने का आदेश जारी कर दिया गया है, जिससे रात्रिकालीन शिफ्ट में काम करने वाले कामगारों व जरूरी सेवाओं में काम करने वालों को अच्छा सपोर्ट मिलेगा। बाजार में रक्षाबन्धन से पहले अच्छी ग्राहकी देखी गयी थी, मगर अभी ग्राहकी में थोड़ी कमी नजर आ रही है। आगे गणपति पर्व भी आ रहा है तथा उसके बाद दीपावली तक अच्छी ग्राहकी की संभावना व्यक्त की जा रही है। उधर कर्नाटक के बंगलुरू में पिछले दिनों एक समुदाय विशेष द्वारा शहर में आतंक फैलाने व दंगा करने से वहां से व्यापार करने वाले व्यापारी परेशान नजर आ रहे हैं। यहां से काफी मात्रा में बैंगलुरु कपड़ा व रेडीमेड वस्त्र की आपूर्ति की जाती है और दंगा-फसाद होने से पेमेण्ट व माल की जावक पर असर पड़ता है, ऐसे में सरकार द्वारा दंगाइयों पर सख्त से सख्त व प्रभावी कार्यवाही करनी चाहिए। इस बार भारत ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में कपास का उत्पादन पिछले वर्ष से ज्यादा होने का अनुमान लगाया जा रहा है, मगर कपास की खपत कम होने की आशंका है, इससे भावों में दबाव रहने की संभावना है। मोदी सरकार द्वारा चीन के खिलाफ सख्त रवैया अपनाने से भारत में ही उत्पादन बढऩे की उम्मीद है, किन्तु कोरोना नियंत्रण के बाद ही भारत की अर्थव्यवस्था व व्यापार को तेजी मिलना सम्भव है। बाजार में रेयॉन प्रिण्ट 58’’ की डिमाण्ड पहले से थोड़ी कम बताई जा रही है। मांग व आपूर्ति का संतुलन गड़बड़ाने से ऐसी स्थिति पैदा हुई है।

यहां के लगभग सभी कपड़ा बनाने वालों ने रेयॉन प्रिण्ट बना लिया है, जिससे बाजार में काफी मात्रा में माल आने से भावों में नरमी दिख रही है, आज पूरे भारत के कपड़ा उत्पादन केन्द्रों पर लेडीज डे्रस मटिरियल्स के अन्दर सिर्फ और सिर्फ रियॉन, प्लेन व प्रिण्ट ही चल रहा है। रेयॉन ने पिछले दशकों का कॉटन का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। कॉटन वस्त्रों का बोलबाला अब लगभग खत्म हो चुका है।सूटिंग-शर्टिंग में भीलवाड़ा व मुम्बई का ही कपड़ा ज्यादा चल रहा है। रेडीमेड गारमेण्ट में इस बार दीपावली की कमजोर तैयारी चल रही है, क्योंकि सभी व्यापारी पेमेण्ट नहीं आने से परेशान हैं व नया माल नहीं बना रहे हैं। पहले यहां के प्रोसेस हाउसों में 30 से 40 दिन तक प्रोग्राम था, वह अब 15 से 20 दिनों पर आ गया है। उत्पादन क्षमता बढऩे से कपड़ा जल्दी तैयार हो रहा है। अब प्रोसेस हाउसों में काम करने वाले सभी कारीगर आ गये  हैं व बाहर के मजदूर भी सब अपने अपने काम पर वापस लौट आए हैं। बाजार में पैसों की तंगी बरकरार है। आने वाले दिनों में त्यौहारी ग्राहकी की आशा है, जिससे पैसों की तंगी सुलझ सकती है। जीएसटी आने के बाद व्यापार में काफी सुधार हुआ है व कोरोना के आने के बाद अच्छे-अच्छे व्यापारियों ने उधारी में माल बेचने से तोबा कर ली है। अब ज्यादतर व्यापारी 30 दिन से ज्यादा उधारी पर काम करने को तैयार नहीं हैं। पहले यही धारा 120 से 150 दिन का चलता था। अब समय पर पेमेण्ट नहीं करने वाले व्यापारी को माल मिलना मुश्किल हो गया है। अब मोदी सरकार ने आयकर के सर्वे का अधिकार मात्र इन्वेस्टिगेशन टीम को ही दिया है, जिससे करदाताओं को भ्रष्टाचार से मुक्ति मिलेगी। यह सामान्य नागरिकों के साथ साथ समस्त व्यापारी बंधुओं के लिए बड़ा राहत का समाचार है। केन्द्रीय राजस्व विभाग द्वारा इनकम टेक्स एक्ट 1961 की धारा 119 के अंतर्गत आदेश जारी कर तत्काल प्रभाव से आयकर की जांच का अधिकार मात्र इन्वेस्टिगेशन विंग को देने की घोषणा की है, इससे व्यापारी अच्छी तरह से बिना डर के काम कर पायेंगे। पिछले 5-7 दिनों से अहमदाबाद व पूरे गुजरात में अच्छी बरसात हो रही है व मौसम विभाग द्वारा अगले 5 दिनों तक अच्छी वर्षा की संभावना व्यक्त की गयी है।

 

यहां पर अबतक पूरे वर्ष का 70 प्रतिशत पानी गिर चुका है व कई जलाशय अपनी क्षमता के अनुरूप भर गये हैं। खासकर सौराष्ट्र व कच्छ में बारिश की कमी होती है, मगर इस बार इन क्षेत्रों में भी अच्छी बारिश हो चुकी है। गुजरात के मुख्य कपड़ा उत्पादक सूरत व अहमदाबाद ही हैं, मगर इस बार सूरत कपड़ा बाजार को बहुत धक्का लग रहा है। कोरोना के कारण कपड़ा व हीरा कारोबार बहुत ज्यादा प्रभावित हुआ है। ज्यादातर कारीगर व व्यापारी गाँव की और पलायन कर गये हैं, जिससे सूरत का 50 प्रतिशत व्यापार अहमदाबाद की और मुड़ गया है। उधर अहमदाबाद हर तकलीफ में भी काम चालू रखने में अपनी पहचान बना चुका है।

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बाजार में ग्राहकी की अच्छी शुरूआत

बाजार में ग्राहकी की अच्छी शुरूआत

By: Textile World Date: 2020-08-26

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अहमदाबाद/ सांवलाराम चौधरी

पिछले दिनों गुजरात ही नहीं बल्कि पूरे भारत में अच्छी बरसात होने से बाजार में रौनक लौट आई है। कोरोना का संक्रमण लगातार बढ़ रहा है, मगर अब सभी तरह के काम-काज अच्छी क्षमता से चालू हो गये हैं। अब गुजरात की जनता कोरोना से सावधान रहना सीख गई हैं व लोग अपने-अपने काम में दिलोजान से लग गये हैं। सरकार द्वारा अब होटल, रेस्टोरेण्ट व पार्सल पेकिंग के लिए पूरी रात भर खुला रखने का आदेश जारी कर दिया गया है, जिससे रात्रिकालीन शिफ्ट में काम करने वाले कामगारों व जरूरी सेवाओं में काम करने वालों को अच्छा सपोर्ट मिलेगा। बाजार में रक्षाबन्धन से पहले अच्छी ग्राहकी देखी गयी थी, मगर अभी ग्राहकी में थोड़ी कमी नजर आ रही है। आगे गणपति पर्व भी आ रहा है तथा उसके बाद दीपावली तक अच्छी ग्राहकी की संभावना व्यक्त की जा रही है। उधर कर्नाटक के बंगलुरू में पिछले दिनों एक समुदाय विशेष द्वारा शहर में आतंक फैलाने व दंगा करने से वहां से व्यापार करने वाले व्यापारी परेशान नजर आ रहे हैं। यहां से काफी मात्रा में बैंगलुरु कपड़ा व रेडीमेड वस्त्र की आपूर्ति की जाती है और दंगा-फसाद होने से पेमेण्ट व माल की जावक पर असर पड़ता है, ऐसे में सरकार द्वारा दंगाइयों पर सख्त से सख्त व प्रभावी कार्यवाही करनी चाहिए। इस बार भारत ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में कपास का उत्पादन पिछले वर्ष से ज्यादा होने का अनुमान लगाया जा रहा है, मगर कपास की खपत कम होने की आशंका है, इससे भावों में दबाव रहने की संभावना है। मोदी सरकार द्वारा चीन के खिलाफ सख्त रवैया अपनाने से भारत में ही उत्पादन बढऩे की उम्मीद है, किन्तु कोरोना नियंत्रण के बाद ही भारत की अर्थव्यवस्था व व्यापार को तेजी मिलना सम्भव है। बाजार में रेयॉन प्रिण्ट 58’’ की डिमाण्ड पहले से थोड़ी कम बताई जा रही है। मांग व आपूर्ति का संतुलन गड़बड़ाने से ऐसी स्थिति पैदा हुई है।

यहां के लगभग सभी कपड़ा बनाने वालों ने रेयॉन प्रिण्ट बना लिया है, जिससे बाजार में काफी मात्रा में माल आने से भावों में नरमी दिख रही है, आज पूरे भारत के कपड़ा उत्पादन केन्द्रों पर लेडीज डे्रस मटिरियल्स के अन्दर सिर्फ और सिर्फ रियॉन, प्लेन व प्रिण्ट ही चल रहा है। रेयॉन ने पिछले दशकों का कॉटन का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। कॉटन वस्त्रों का बोलबाला अब लगभग खत्म हो चुका है।सूटिंग-शर्टिंग में भीलवाड़ा व मुम्बई का ही कपड़ा ज्यादा चल रहा है। रेडीमेड गारमेण्ट में इस बार दीपावली की कमजोर तैयारी चल रही है, क्योंकि सभी व्यापारी पेमेण्ट नहीं आने से परेशान हैं व नया माल नहीं बना रहे हैं। पहले यहां के प्रोसेस हाउसों में 30 से 40 दिन तक प्रोग्राम था, वह अब 15 से 20 दिनों पर आ गया है। उत्पादन क्षमता बढऩे से कपड़ा जल्दी तैयार हो रहा है। अब प्रोसेस हाउसों में काम करने वाले सभी कारीगर आ गये  हैं व बाहर के मजदूर भी सब अपने अपने काम पर वापस लौट आए हैं। बाजार में पैसों की तंगी बरकरार है। आने वाले दिनों में त्यौहारी ग्राहकी की आशा है, जिससे पैसों की तंगी सुलझ सकती है। जीएसटी आने के बाद व्यापार में काफी सुधार हुआ है व कोरोना के आने के बाद अच्छे-अच्छे व्यापारियों ने उधारी में माल बेचने से तोबा कर ली है। अब ज्यादतर व्यापारी 30 दिन से ज्यादा उधारी पर काम करने को तैयार नहीं हैं। पहले यही धारा 120 से 150 दिन का चलता था। अब समय पर पेमेण्ट नहीं करने वाले व्यापारी को माल मिलना मुश्किल हो गया है। अब मोदी सरकार ने आयकर के सर्वे का अधिकार मात्र इन्वेस्टिगेशन टीम को ही दिया है, जिससे करदाताओं को भ्रष्टाचार से मुक्ति मिलेगी। यह सामान्य नागरिकों के साथ साथ समस्त व्यापारी बंधुओं के लिए बड़ा राहत का समाचार है। केन्द्रीय राजस्व विभाग द्वारा इनकम टेक्स एक्ट 1961 की धारा 119 के अंतर्गत आदेश जारी कर तत्काल प्रभाव से आयकर की जांच का अधिकार मात्र इन्वेस्टिगेशन विंग को देने की घोषणा की है, इससे व्यापारी अच्छी तरह से बिना डर के काम कर पायेंगे। पिछले 5-7 दिनों से अहमदाबाद व पूरे गुजरात में अच्छी बरसात हो रही है व मौसम विभाग द्वारा अगले 5 दिनों तक अच्छी वर्षा की संभावना व्यक्त की गयी है।

 

यहां पर अबतक पूरे वर्ष का 70 प्रतिशत पानी गिर चुका है व कई जलाशय अपनी क्षमता के अनुरूप भर गये हैं। खासकर सौराष्ट्र व कच्छ में बारिश की कमी होती है, मगर इस बार इन क्षेत्रों में भी अच्छी बारिश हो चुकी है। गुजरात के मुख्य कपड़ा उत्पादक सूरत व अहमदाबाद ही हैं, मगर इस बार सूरत कपड़ा बाजार को बहुत धक्का लग रहा है। कोरोना के कारण कपड़ा व हीरा कारोबार बहुत ज्यादा प्रभावित हुआ है। ज्यादातर कारीगर व व्यापारी गाँव की और पलायन कर गये हैं, जिससे सूरत का 50 प्रतिशत व्यापार अहमदाबाद की और मुड़ गया है। उधर अहमदाबाद हर तकलीफ में भी काम चालू रखने में अपनी पहचान बना चुका है।

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