NEWS

Textile Textile Textile Textile Textile Articles Textile Textile Articles Textile Textile Textile Textile Textile Textile Textile Textile Textile Textile Textile Textile Textile Textile Textile Textile Textile Textile Textile Textile Textile Textile Textile Textile
अब ओणम, दशहरा, दिवाली जैसे बड़े त्यौहारों पर टिकी उम्मीदें

अब ओणम, दशहरा, दिवाली जैसे बड़े त्यौहारों पर टिकी उम्मीदें

By: Textile World Date: 2020-08-14

मुंबई/ रमाशंकर पाण्डेय

आगे ओणम पूजा, दशहरा और दीपावली जैसे भारी भरकम त्योहार हैं, इसके साथ ही 2 से 3 सितम्बर को ऑनलाइन नेशनल गारमेंट फेयर होने जा रहा है। मुंबई की गारमेंट इकाईयों को शुरू करने की मांग बहुत दिनों से की जा रही थी और उम्मीद थी कि अनलॉक 3 में इस बारे में उचित निर्णय लिया जा सकता है। लेकिन सरकार एव बीएमसी की ओर से इस बारे में कोई तवज्जो नहीं देने से उलझन में रही गारमेंट इकाईयों में उत्पादन शुरू कर दिए जाने की रिपोर्ट मिल रही है। यह एक तरह से कानून का उल्लंघन है इसके बावजूद गारमेंट का उत्पादन शुरू करने के लिए इकाइयों को मजबूरन यह कदम उठाना पड़ा है। अभी बाहर के मॉल्स एवं शापिंग कॉम्पलेक्स की दुकानों को सुबह 9 से शाम 7 बजे तक खोलने की छूट मिली है, लेकिन कपड़ा उद्योग एवं बाजारों को यह छूट नहीं है।

 

दी क्लोदिंग मैन्यूफैक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ  इंडिया जो गारमेंट की सबसे बड़ी प्रतिनिधी संस्था है, उसने राज्य सरकार और बीएमसी से इन गारमेंट इकाईयों को खोलने का कई बार आग्रह किया था। करीब 85000 फैक्टरियां हैं,जो अधिकतर एमएसएमई क्षेत्र में आती है।

 

कोरोना संक्रमण शुरू होने से पहले इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार मिला था। मिली जानकारी के अनुसार अब सीएमएआई के सर्वे में 25 से 30 प्रतिशत गारमेंट कारखानों के बंद हो जाने का अंदेशा है। इससे भारी बेरोजगारी उत्पन्न होने के साथ बैंक लोन के गर्दिश में पडऩे की संभावना भी व्यक्त की गई है। मौजूदा परिस्थितियों में गारमेंट उद्योग का भविष्य धुंधला दिखाई दे रहा है। छोटी इकाईयों के टिके रहने के प्रति भी अंदेशा है। दहशत के माहौल के बीच श्रमिकों की छंटनी होने की भी संभवना हैं। सदस्यों के बीच किए गए एक सर्वे में 74 प्रतिशत सदस्यों का कहना है कि जून 2020 को समाप्त त्रैमासिक अवधि में गारमेंट की बिक्री में 90 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। शेष 13 प्रतिशत सदस्य मानते हैं कि बिक्री में 75 प्रतिशत की गिरावट आई है। इतना ही नहीं, आगे जुलाई से सितम्बर की अवधि के लिए भी संयोग बहुत अच्छे होने के आसार नहीं है। 95 प्रतिशत सदस्यों का कहना है कि वे अपनी स्थापित क्षमता का 50 प्रतिशत से भी कम का उपयोग कर सकेंगे। अगले तीन महीने में 25 प्रतिशत से कम क्षमता का उपयोग हो सकता है। इस उद्योग से जुड़े आधे से अधिक लोगों का मानना है कि आगामी 12 महीने में 50 प्रतिशत से कम क्षमता पर वे काम कर सकेंगे। गारमेंट एक चमकता क्षेत्र रहा है, पर कोरोना महामारी के कारण इस उद्योग को भारी झटका लगा है।

Latest News

© Copyright 2020 Textile World