NEWS

Textile Textile Textile Textile Textile Articles Textile Textile Articles Textile Textile Textile Textile Textile Textile Textile Textile Textile Textile Textile Textile Textile Textile Textile Textile Textile Textile Textile Textile Textile Textile Textile Textile
चीन ने अमेरिका से आवश्यकता से अधिक कॉटन खरीदी

चीन ने अमेरिका से आवश्यकता से अधिक कॉटन खरीदी

By: Textile World Date: 2020-08-07

नई दिल्ली/ राजेश शर्मा

प्राप्त जानकारी के अनुसार गत तीन महीनों के दौरान चीन ने पहले चरण की व्यापार वार्ता की शर्तों को पूरा करने लिए भारी मात्रा में कॉटन की खरीद की है, जो उसकी आवश्यकता से कहीं अधिक है तथा संभव है कि आगामी महीनों में वह और खरीद न करे। सूत्रों के अनुसार चीन ने अमेरिका से लगभग एक बिलियन डॉलर मूल्य की कॉटन की खरीद कर ली है। इसी प्रकार पहले चरण की व्यापार वार्ता की शर्तों के अनुसार चीन को अमेरिका से 36.5 बिलियन डॉलर की कृषि जिंसों का आयात करना है। चीन कॉटन के अतिरिक्त अमेरिका से सोयाबीन, मक्का, सारगम तथा कुछ अन्य कृषि जिंसों का आयात प्रमुखता से करता है। 

 

उल्लेखनीय है कि चीन सोयाबीन और कॉटन का सबसे बड़ा आयातक देश है। एक ओर जहां चीन ने अमेेरिका से कॉटन भारी खरीद कर ली है, वहीं दूसरी ओर कोरोना वायरस  महामारी के कारण रिटेल स्टोर बंद होने से वहां की मिलों के पास नए ऑर्डर नहीं आ रहे हैं, इससे अमेरिका से आयातित कॉटन का चीनी मिलें स्टाक कर रही हैं और उनके गोदाम भरते जा रहे हैं। जानकारों बताते हैं कि शर्तों को पूरा करने के लिए चीन की सरकारी एजेंसियों ने खपत की तुलना में अधिक कॉटन की खरीद की है। इस वर्ष चीन ने कॉटन का अतिरिक्त आयात कोटा भी जारी नहीं किया है। साथ ही चीन द्वारा खरीद की अधिकांश कॉटन वहां के सरकारी बफर स्टॉक में जाने का अनुमान है। विश्व बाजार की वर्तमान स्थिति में चीन को निर्यात ऑर्डर भी नहीं मिल रहे हैं और इससे इस समय आयात की जा रही कॉटन से आगामी समय की मांग को पूरा किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि अमेरिका और यूरोप में रेडीमेड गारमेंट की मांग को भारी झटका लगा है, क्योंकि वहां के दो प्रमुख रिटेलर स्टोर दिवालिया होने के कगार पर हैं तथा चीन को वहां से रेडीमेड गारमेंट के नए ऑर्डर केवल सीमित मात्रा में ही मिलने की सम्भावना है। इसी बीच, विश्व में कॉटन की खपत गिर कर 230 लाख गांठ रह जाने का अनुमान है।

Latest News

© Copyright 2020 Textile World