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कॉटन कैम्ब्रिक कपड़ों में थोड़ी तेजी : रिटेल में ग्राहकी ने पकड़ी रफ्तार

कॉटन कैम्ब्रिक कपड़ों में थोड़ी तेजी : रिटेल में ग्राहकी ने पकड़ी रफ्तार

By: Textile World Date: 2020-08-07

मुंबई/ रमाशंकर पाण्डेय

भिन्न-भिन्न क्षेत्रों में लॉकडाउन के कारण अनलॉक-2 में कपड़ा कामकाज सुचारु ढंग से नहीं चल सका है। अनलॉक 3 में भी वही स्थिति है, बहुत छूट नहीं मिली है। भिवंडी, इचलकरंजी में इसका व्यापक असर देखा गया। जहां नहीं है, वहां कम संख्या में लूम चालू रहे हैं। भिवंडी में कारीगरों की कमी से लूमों पर काम नहीं हो रहा था, अब कारीगर लौट रहे हैं। अभी मालेगांव, बुरहानपुर और साउथ की ओर उत्पादन ठीक ढंग से होने की रिपोर्ट है। कॉटन यार्न की खपत पर सबसे बुरा असर देखा गया, इससे ग्रे कपड़ों के भाव में करीब 10 प्रतिशत की गिरावट भी दर्ज की गई है। वीवर्स बहुत सतर्क होकर लूम्स चला रहे हैं, ताकि वे किसी बड़े स्टॉक से बचे रहे। रिटेलर्स एसोसिएशन की मांग है कि रिटेल दुकानों के खोले जाने की अवधि अब बढ़ाई जाए।

रिटेल दुकानों में थोड़ी बहुत ग्राहकी रही है, लेकिन यह त्योहारों जैसी नहीं, जैसा कि ईद एवं रक्षाबंधन की ग्राहकी रहती आई है। आगे ओणम, पूजा, दशहरा एवं दीपावली जैसे भारी भरकम त्योहार आने वाले हैं। हालांकि दीपावली इस बार नवम्बर में पड़ रही है। बाजार के सितम्बर से अच्छी तरह से चलने का अनुमान है। 15 अगस्त से जैनों का पर्युषण पर्व शुरू होने पर पाली, बालोतरा और अहमदाबाद के बाजार बंद रहते हैं। थोक बाजारों में कामकाज सही ढंग से नहीं हो रहा है। उम्रदराज व्यापारियों के बाजार में आने की मनाही है। लोकल टे्रन नहीं चलने से दूरदराज से आने वाले कर्मचारी, गुमास्ता इत्यादि नहीं आ रहे हैं। एक तिहाई के आधार पर अभी कम संख्या में दुकानें खुल रही है। इसमें भी व्यापारी जरूरी काम निपटा कर तीन से चार घंटों के बाद लौट जाते हैं। ऐसी रिपोर्ट है कि व्यापारियों ने अहमदाबाद से शर्टिंग, सूरत से साड़ी और डे्रस मटीरियल थोड़ा-थोड़ा मंगाना शुरू कर दिया है। व्यापारियों का पिछला पेमेंट नहीं आया है। चार महीने के लॉकडाउन से पेमेंट की समस्या अति गंभीर होती जा रही है। खराब वित्तीय संकट का डर सता रहा है। यह समस्या अधिक जटिल नहीं हो इसके लिए अब उत्पादक, प्रोसेर्स और व्यापारी नकद भुगतान अथवा आरटीजीएस के माध्यम से कारोबार करना चाहते हैं।

 

दूसरी ओर पाली, बालोतरा और जेतपुर स्थित डाइंग हाउसों एवं प्रिटिंग इकाईयों में कामकाज जोरदार ढंग से हो रहा है। यह भी सच है कि ग्रे कपड़ों का भाव मार्च महिने के भाव से आज करीब 10 प्रतिशत नीचे उतरे हैं। ग्रे कपड़ों में भाव घटने का प्रमुख कारण कॉटन यार्न और रुई के भाव में आई गिरावट माना जा रहा है।

 

भिवंडी शहर के विभिन्न इलाकों में अभी तक सिर्फ  एक पाली में लूम चल रहे थे, लेकिन मजदूरों के अब लौटने से बहुत सारे कारखानों में उत्पादन दोनों पाली में होने लगा है। भिवंडी से लॉकडाउन के दौरान 70 प्रतिशत से अधिक मजदूर अपने गांव चले गए थे। इनके पलायन के कारण बमुश्किल 30 से 35 प्रतिशत ही पावरलूम कारखाने शुरू हो पाए थे। पिछले एक सप्ताह से उत्तरप्रदेश और बिहार के मजदूरों का आना शुरू हो जाने से कहीं-कहीं दोनों पाली में कारखानें चलने लगे हैं। पावरलूम मालिकों को अब थोक एवं रिटेल कपड़ा बाजारों और यार्न बाजार के सही ढंग से शुरू होने की उम्मीद जगी है। बड़े वीवर्स का कहना है कि जब तक मुंबई के प्रमुख कपड़ा मार्केट में देसावरी मंडियों के व्यापारी नहीं आते हैं, तब तक कपड़ों की मांग बढऩे की संभावना कम है।

 

भिवंडी तथा उसके आसपास के क्षेत्रों में सात लाख से अधिक पावरलूम, साइजिंग एवं डाइंग इकाईयों में कई राज्यों से आकर कारीगर काम करते हैं। अब जब श्रमिकों का लौटना शुरू हो गया है, तो कोरोना संक्रमण को देखते हुए बाहर से आने वाले श्रमिकों की जांच करने की विशेष व्यवस्था करने की मांग स्थानीय प्रशासन से की गई है। लूमों पर ग्रे कपड़ों का उत्पादन बढऩे से आगे चलकर यार्न की मांग भी बढ़ेगी। अभी यार्न मार्केट बंद हैं। यार्न की आपूर्ति बाधित तथा सीमित है। जिन बड़े वीवर्स के पास लॉकडाउन से पहले का खरीदा यार्न है, उनका काम येन केन प्रकारण चल रहा है, परंतु इस बीच यार्न की खपत पर निरंतर दबाव होने से यार्न के भाव नीचे की ओर लुढक़ रहे थे, वहीं अब ऊपर चढऩे लगे हैं। कॉटन केम्ब्रिक कपड़ों में थोड़ी तेजी है, अन्यत्र मांग बिल्कुल नहीं है। कॉटन ग्रे कपड़ों का भाव हाल में मार्च महिने के भाव से करीब 10 प्रतिशत कम हैं, जबकि भिवंडी जैसे उत्पादन केंद्र पर कारीगरों की भयंकर कमी के चलते अभी तक उत्पादन 25 से 30 प्रतिशत की क्षमता से ही चल रहा है। चुनिंदा वैराइटी की लेवाली को छोड़ कर अन्य वैराइटी की मांग नहीं है। सूती मलमल 80/100, 68/64, 49’’पना अच्छी गुणवत्ता के ग्रे का भाव 22.50 से 23 रू, 100/100, 78/68 ग्रे का भाव 23.50 से 24 रू, 70/90, 64/53 ग्रे का भाव 19 से 20.50 रू है। इसी तरह सूती कैम्ब्रिक 60/60, 92/88, 49’’ पना अच्छे माल का भाव 38 से 40 रू, सेमी का भाव 36.50 से 38 रू तक है। कैम्ब्रिज के अच्छे माल में ग्राहकी है। दूसरी आइटम जो हाल कुछ-कुछ बिकनी शुरू हुई है, उसमें 30/20 रेयान 63’’ पना का भाव 37.50 रू और 48’’ पना का 28 रू है।

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